Trio | Tulsidal (Part-1 & Part 2) & Aatmjagruti Ke Rahasy | Hindi Language | By Brahmarshi Pitamaha Dr. Patriji

Tulsidal (Part- 1 & 2) | Hindi Language | By Brahmarshi Pitamaha Dr. Patriji

Package will contain a 3 books:

Aatmjagruti Ke Rahasy (Hindi Language)

Book Details:
Book Title: Aatmjagruti Ke Rahasy(Hindi Language)
Language:
 Hindi
Author: Brahmarshi Pitamaha Dr.Patriji
Type: Paperback
Price: 270

यह किताब आपकी सोच बदल देगी जहाँ ब्रह्मर्षि पितामह पत्रीजी ने हमारे आंतरिक भूमिकाओ को निभाने की शक्ति के बारें में हमें अधिक गहराइयों में ले जाकर वैज्ञानिक दृष्टि से आध्यात्मिकता को हमारे सामने लाया हैं। किस प्रकार हम अपनी सोच को शुद्ध कर जो सोचते है उसे कैसे प्राप्त कर सकते है यह ज्ञान प्रदान किया हैं। तथा किसप्रकार हमारी वाणी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है और कैसी वाणी होने से हम लोकप्रिय तथा अपनी आत्मा की शुद्धता को बनाये रख सकते हैं। हमारे भौतिक तथा आध्यात्मिक जागृती का रहस्य हमारे इस किताब के द्वारा उजागर किया है जो आपके जीवन को नयी दिशा दिखायेगा।

Tulsidal Part-1 | Book Details:
Book Title: Tulsidal (Hindi Language)
Language:
 Hindi
Author: Brahmarshi Pitamaha Dr.Patriji
Type: Paperback

"तुलसीदल" यह  एक  ऐसी  रचना  है  जो  हमें  परमसत्य  के  परिपूर्ण  रूप  को  समझने  में  सहायक  है । हर  इंसान  इस  सत्य  को  पाना  चाहता  है  परन्तु  उसे  मार्ग  समझ  नहीं  आता  और  इस  संसार  के  असंख्य  रास्तों  में  फँस  जाता  है ।  यह  पुस्तक  उस  हर  एक  इंसान  को  आत्म - जाग्रति  का  प्रकाश  दिखती  है  जो  सही  रूप  में  अपने  जीवन  को  सार्थक  बनाना  चाहता  है । इस  पुस्तक  में  ब्रह्मर्षी  पितामह  सुभाष पत्रीजी  ने  हमे   हर  आध्यत्मिक  संज्ञा  का  अर्थ  अत्यंत  सरल  करते  हुए  "तुलसीदल" के  मत  को  प्रशस्त  किया  है । तुलसीदल की  शाखा  के  दो  पत्ते  है  एक  है  ज्ञानसूत्र  जो  " तुम  अपने  वास्तव  की  खुद  ही  सृष्टि  कर  रहे  हो " को  दर्शाता  है  तो  दूसरा  पत्ता  ध्यानसूत्र  " आनापानसति " को ।


Tulsidal Part-2 | 
Book Details:
Book Title: Tulsidal (Part-2) (Hindi Language)
Language:
Hindi
Author: Brahmarshi Pitamaha Dr.Patriji
Type: Paperback

Is spirituality simple or difficult? Which passages reflect true spiritual vision? Or how to understand that we are on the right path of spirituality? Many such complex questions that we all seek, but they often stop or go astray in understanding. In this book, Brahmarshi Pitamah Patriji has made such complex questions very lightly. While living our normal life, how can we achieve self-realisation and save ourselves and pave the way for everyone, its amazing collection, which has inspired millions till date. You too must take advantage of this for your self-work.

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